ऑनलाइन एजुकेशन के लाभ और हानि - Advantages and disadvantages of online education in Hindi

Advantages and disadvantages of online education in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज मैं आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताने वाली हूँ कि ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) के क्या लाभ होते हैं और क्या हानि। अक्सर हम किसी भी वस्तु का उपयोग करने से पहले यह बिल्कुल नहीं  सोचते हैं कि यदि इससे हमें लाभ मिल रहा है तो इसका नुकसान भी होगा। बस उस वस्तु का अंधाधुंध इस्तेमाल करते चले जाते हैं। इसी में से है एक ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) जो हानि कारक के साथ साथ इस कोरोना महामारी के समय में इसका काफी हद तक लाभ प्राप्त हुआ है। न केवल छात्रों और शिक्षकों को अपितु हर क्षेत्र में इनके उपयोग की जाने की भूमिका काफी सराहनीय है। 


ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) का महत्व : 

ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education)
आज के आधुनिक युग में इस का महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि विपदा के समय में इस साधन से आने वाले भविष्य के रूप में बच्चों के समय को और कुछ सीखने की उम्र को नष्ट होने से बचाया जा सकता है और बचाया गया भी हैं। साथ ही इस उपकरण के उपयोग से काफी प्रकृति हानि होने से भी बचाई जा सकती है और जा रही भी है कुछ हद तक। कोरोना के इस दौड़ में ये ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) ने काफी मदद की है जिससे बच्चों को पढ़ाई में काफी लाभ मिला साथ ही शिक्षक से साथ सावल जबाव कर भी सकते थे और एक दूसरे को देख भी सकते थे। 

यह साधन माना बहुत लाभकारी सिद्ध हुआ है। लेकिन कहते हैं न जहां लाभ है वह हानि भी अवश्य होगी और ऐसा ही हुआ है। माना कोरोना के इस संकट के समय में यह सामाजिक दूरी बनाने में काफी हद तक सफल रहा, किन्तु बच्चों के सामान्य ज्ञान को इसने सीमित कर दिया। जहाँ बच्चे स्कूल जा कर टीचर से पुस्तक के विषय के साथ साथ कुछ शिक्षक के निजी उदाहरण सुनकर भी ज्ञान प्राप्त करते थे। आज वो संभव नहीं हो पा रहा है। 


ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) के लाभ : 

ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education)
ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education)  एक ऐसी शिक्षा प्रणाली है। जो समय के साथ साथ ही चल रही है और जो बदलाव आयेंगे। वो भी आने वाले समय के साथ इसमें भी आ जाएगे। यह हमें आपदा के समय तो बचती ही है साथ ही इसका प्रयोग आधुनिक युग में हो रहे परिवर्तन से भी जोड़ा जा सकता है। जहां समय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए हमें इन सभी संसाधनों का ज्ञान होना आवश्यक हो जाएगा। अब जानते हैं इसके लाभ के बारे में तो इसके लाभ निम्न हैं - 


* शिक्षक के सम्मुख छात्रों का संकुचित होना कम होता है : 

अक्सर देखा जाता है कि बच्चे क्लास रूम से ज्यादा अच्छे से तालमेल ऑनलाइन स्टडी में दिखते हैं। जहाँ वो शांत होकर टीचर की बात को सुनते हैं। जबकि क्लास रूम में वह व्याकुल रहते हैं। लेकिन यहां पर ऐसी कोई संभावना नहीं है। बच्चों को यहां पर टीचर के सम्मुख आकर बात करने में भी कोई परेशानी नहीं है लेकिन यह काम क्लासरूम में करें तो  वह घबरा जाते हैं। 


* यह पूरी तरह से सुरक्षित होना : 

जैसा कि हम सब जानते हैं कि आज का समय कोरोना नामक एक माहमारी से लड़ रहा है। ऐसे में यह ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) एक वरदान के रूप में साबित हुआ है। जो इस महामारी के समय में भी बच्चों के शिक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता है। यह केवल ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) की वजह से हो पाया है और यह एक दम सुरक्षित है क्योंकि इस माध्यम से पढ़ाई करने के लिए हमें घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। हम घर में ही किसिस एक कोने में बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं। साथ ही कोरोना नामक बीमारी से भी अपना बचाव कर सकते हैं।


* यह काफ़ी सस्ता पड़ता है : 

ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) यह बात बिल्कुल सही है कि इस माध्यम से शिक्षा पाना काफी सस्ता है क्योंकि इसमें केवल आपके नेट का खर्च होता है और कुछ नहीं न पेन, न पेंसिल, न पुस्तकें, न कॉपी। इस माध्यम से पढ़ाई करने पर्यवारण के लिए काफी लाभ दायक है क्योंकि इससे हमें पुस्तकों की जरूरत नहीं पड़ती हैं और यदि पड़ती हैं तो हम ऑनलाइन डाउन लोड कर सकते हैं या फिर इसका फोटो कॉपी निकलवा सकते हैं जो पुस्तक के दाम से कम में मिलता है। इस माध्यम से पेड़ पौधों को कटने की जरूरत नहीं पड़ती हैं।  इसलिए इस माध्यम से पढ़ना काफी हद तक सस्ता है।


* इससे कम पेपर का प्रयोग होना : 

हम सभी जानते हैं कि ऑनलाइन शिक्षा की प्राप्ति के कारण हमें पेपर की जरूरत नहीं पड़ती हैं। और यदि पड़ती हैं तो वो भी कम मात्रा में या बिल्कुल न के बराबर होगी। इस माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने के दौरान जो ऑनलाइन पुस्तकें उपलब्ध हैं। उसमें ओर भी चीजे है। जिनसे हम जो पेन पेंसिल का प्रयोग करते हैं। वो सब उसमे भी होता है। इसलिए यह माध्यम बहुत ही अच्छा है।


* यह बहुत ही सुविधाजनक होता है : 

यह बात बिल्कुल सच है कि ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) काफी समय से हमारे लिए एक सुविधा जनक  साधन बन चुकी हैं। जिसके माध्यम से हमे घर से बाहर आने जाने की कोई

आवश्यकता नहीं है। बस घर के किसी एक कमरे का उचित स्थान चुना कर वहां पर बैठ जाना है और फिर अपनी शिक्षा ग्रहण करनी है। यह माध्यम केवल छात्रों के लिए नहीं अपितु शिक्षकों के लिए भी बहुत अच्छा माध्यम था। 


ऑनलाइन एजुकेशन की हानियां : 

ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education)
जहां ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) कोरोना काल के समय मे वरदान का कार्य कर रहा है। तो वहीं दूसरी तरफ इसके बहुत सारे नुकसान भी हमें देखने को मिल रहे हैं। इसकी वजह है बच्चों का ज्यादा समय इंटरनेट पर बीताना। जो उनकी आँखों को नुकसान पहुंचाता है। इसके और भी कारण है। जैसे - 


* बातचीत करने के लिए समय सीमा कम : 

ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) में कोई समय सीमा निधरित नही है। फिर भी शिक्षक को छात्रों के साथ समय सीमा का ध्यान रखना पड़ता है और कम समय मे सभी छात्रों के सवालों के जबाव भी देने होते हैं। जो नही हो पाता है। कुछ ही बच्चों के सवालों के जबाव मिल पाते हैं। इसलिए यह ऑनलाइन शिक्षा बच्चों के जिज्ञासा को खत्म कर रहा है। 


* बिना रुके स्क्रीन को देखना : 

जैसा कि हम सब जानते हैं कि बच्चों का सारा दिन में से आधा दिन तो गेम आदि खेलने में लैपटॉप, फोन आदि में ही निकलता है और फिर उसपे से यह कोरोना के कारण स्कूल कॉलेज बंद है। जिससे उनकी पढ़ाई भी इन्ही इंटरनेट पर हो रही हैं। जो एक चिंता का विषय है क्योंकि यदि ऐसे ही बच्चे स्क्रीन की तरफ देखते रहे तो उनकी आंखों पर असर तो पड़ेगा ही साथ ही प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित करेगा। 


* अपने आप पर नियंत्रण न होना :

 इस ऑनलाइन शिक्षा का एक यह भी नुकसान है कि बच्चों के हाथ मे होता है। पढ़ाई करने का सिस्टम जिससे कुछ पूरे समय शिक्षक की बातों को सुनकर समझ कर पढ़ाई करते हैं। तो कुछ इस ऑनलाइन शिक्षा के दौरान वीडियो कॉल का कैमरा ऑफ कर दे इधर उधर चले जाते हैं। जिससे उनका उनके मन पर नियंत्रण नहीं होता है। यदि यहीं पढ़ाई स्कूल में होती तो बच्चों को फिर पढ़ना तो पड़ता ही साथ में ये इधर उधर भी नही जाते पढ़ाई के बीच में।


* ईमानदारी पर सब निर्भर : 

इस ऑनलाइन कक्षा के दौरान हमेशा बच्चों का ध्यान स्क्रीन पर होना चाहिए। लेकिन कुछ बच्चे उसको भी फायदा उठाते है। वो अपना ध्यान स्क्रीन पर न रखकर नीचे या फिर इधर उधर ध्यान रखते हैं। जिस पर शिक्षक ध्यान नही दे पाते हैं और बच्चे इसका फायदा उठाते हैं। इस ऑनलाइन कक्षा का यह भी एक महत्वपूर्ण कमी है। जो ऑनलाइन एग्जाम के दौरान भी नुकसानदायक है। 


* उतना ही ज्ञान प्राप्त होना जो विषय में है :

 इस ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) के दौरान शिक्षक छात्रों को उताना ही पड़ा पाता है। जो पुस्तक के विषय में होता है। जिस कारण शिक्षक अपनी निजी बातों के जरिए जो बातें समझ सकता है। छात्रों को वो नही समझ पाता है। जिस कारण विषय में ही बच्चे ज्ञान प्राप्त कर पाते हैं और अलग से सामान्य ज्ञान से जुड़ी कुछ बाते नहीं समझ पाते हैं या फिर नहीं जान पाते हैं। 


अंततः 

ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) का जितना लाभ होता है। उतना ही हमें हानि का भी सामना करना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि हम इन आधुनिक तकनीक या उपकरणों का प्रयोग उतना ही करे जो हमारे स्वास्थ्य को ख़राब न कर पाए। आज के समय को देखते हुए लग रहा है कि आने वाला कुछ समय इन उपकरणों पर ही बीतेगा ऐसे में आपको ध्यान रखना चाहिए कि आप फालतू में इन उपकरणों का प्रयोग न करे। जब जरूरत हो तभी इसका उपयोग करें। जिससे आप भी स्वस्थ रहेंगे और आपकी पढ़ाई का भी नुकसान नहीं होगा। 

आशा करती हूं कि आपको मेरा यह लेख जरूर पसंद आएगा और आप यह लेख कैसा लगा हमारे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं। 

मैं ज्योति कुमारी, Hindipado.com पर हिंदी ब्लॉग/ लेख लिखती हूँ। मैं दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हूँ और मुझे लिखना बहुत पसंद है।

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(ज्योति कुमारी )

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