कोरोना वायरस पर निबंध - Essay on corona virus in Hindi

Essay on corona virus in Hindi

प्रस्तावना : आज का आधुनिक युग जो हर चीज में तरक्की कर आगे बढ़ रहा है। तो वही एक कोरोना नामक वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी उंगली पर नचाया हुआ है। यह वायरस सन 2020 में चीन शहर से पूरी दुनिया मे आया है और आज 2021 में भी लोग इस वायरस से ग्रसित है। 

इस वायरस को covid - 19 कहते हैं। यह बहुत ही खतरनाक वायरस है। जो हवा द्वारा, किसी व्यक्ति के संपर्क में आने के द्वारा, किसी वस्तु को छूने आदि से लोगों में फैलता है। इस वायरस का असर 14 दिन के बाद दिखना शुरू होता है। 


कोरोना वायरस की उत्पत्ति : 

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कोरोना वायरस की उत्पत्ति चीन के एक शहर वुहान से हुआ है। माना जाता है कि सर्वप्रथम कोरोना वायरस से ग्रसित व्यक्ति यही पर मिले थे। साथ ही चीनी सरकार ने यह काबुल भी किया है कि यह वायरस वही से पूरी दुनिया में फैला है। कहा जाता है कि वुहान में एक एक्सपेरिमेंट के दौरान कुछ समस्या आई थी। जिस वजह से वहां के इंसान को यह वायरस सर्वप्रथम हुआ। 

फिर यह सभी लोगों में फैल गया था। तो कुछ का कहना है कि वुहान में एक मार्किट है पशु पक्षियों को बेचने वाली वह पर हर प्रकार के जीव जंतु को मारकर बेचा जाता है और इस वजह से एक पशु इस वायरस से ग्रसित था और लोगों के द्वारा सेवन करने से वह धीरे धीरे सब में फैल गया। 


कोरोना वायरस का असर :

इस कोरोना वायरस का असर 14 दिन में दिखाई देता है। यह शरीर में धीरे धीरे फैलता है और धीरे धीरे ही असर दिखता है। इसलिए अगर बुखार आदि हो तो घर के सदस्य से दूरी बनाए नहीं तो एक कमरे में खुद को कोरोटीन करें।


कोरोना वायरस के लक्षण : 

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इस कोरोना वायरस के लक्षण तो बहुत ही आम है। जो हमें अक्सर बुखार से ग्रसित कर देते हैं किन्तु इस कोरोना वायरस के लक्षण बुखार ही है। यह बीमारी बहुत ही खतरनाक है। जो धीरे धीरे असर दिखता है।

तीव्र ज्वार

खांसी / जुकाम

ठाड़ लगाना

सर दर्द

पेट दर्द

गले में दर्द

शरीर में दर्द

निमोनिया होना भी कोरोना का लक्षण माना जाता है।


कोरोना वायरस के कारण :

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इस वायरस से ग्रसित होने के बहुत सारे कारण है क्योंकि जो हम नित्य कर्म में किया करते हैं। इस वायरस से बचने के लिए हमें वही छोड़ना पड़ेगा जैसे -

लोगों से 1 मीटर की दूरी न बनाए रखना। 

किसी से भी बात करते समय मुँह पर कुछ न लगना।

बिना हाथ धोएं भोजन ग्रहण करना।

किसी से भी हाथ मिलाने के बाद हाथ न धोना।

खुले आम छिकाना।

छीकते समय बरतने वाली सावधानी न बरतना।

समूह में रहना।

किसी भीड़ के संपर्क में आना।

बाहरी वस्तुओं को सेनिटाइजर न करना।

बिना जरूरत बाहर घूमना फिरना।

कूड़े को इधर उधर फैंकना।

ऐसे न जाने कितने सारे कारण है। जिस वजह से यह समस्त विश्व में तीव्र गति से फैल रहा है। 


कोरोना वायरस के उपाय : 

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इस वायरस से बचने के बिल्कुल साधारण से उपाय है। किन्तु इससे भी लोग अपनी असावधानी के कारण निभा नहीं पा रहे हैं क्योंकि जो हम नित्य कर्म करते हैं। वही इसके उपाय है जैसे -

किसी से भी बता करते समय मुँह पर माक्स अवश्य लगाएं।

खांसी आने पर या तो कख के पास मुँह को झुक कर खासे या फिर टिशू पेपर मुँह पर लगा ले।

उस टिशू पेपर को अच्छे से रेप कर डस्टबिन में डालें। इधर उधर न फेंके।

हर किसी से 1 मीटर की दूरी बनाये रखें।

ज्यादा जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकले।

कही से भी आने के बाद हाथों को अच्छे से सैनिटाइजर करें या फिर साबुन से धोएं।

किसी से भी हाथ न मिलाएं।

फालतू में घर से बाहर न निकले।

सामुहिक कार्यक्रम से बचें।

समूह में न खड़े हो।

बीमारी व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।

कहीं विदेश से आने पर खुद को 14 दिन तक के लिए कोरोटिन करें।

यदि कोरोना वायरस के लक्षण दिखे तो खुद को एक कमरे में भी बंद कर सकते हैं। ताकि बाकी के सदस्य इस से ग्रसित न हो।


कोरोना वायरस से प्रभावित देश : 

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आज विश्व का हर एक कोना कोना इस कोरोना वायरस से ग्रसित है। अमेरिका जैसा देश भी इस वायरस के कारण बहुत ही बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस वायरस से समस्त विश्व में लोगों की मौत हजारों लाखों में नही अपितु करोड़ो में हुई है। 

सबसे ज्यादा  चीन, अमेरिका, भारत, रूस आदि देश इस वायरस से प्रभावित हुए हैं। कोरिया में तो बीमारी व्यक्ति को इलाज देने की जगह गोली ही मर दी जा रही थी। इस कोरोना वायरस ने बहुत ही ज्यादा परेशान कर रखा है। ये कब कैसे हो जाए पता भी नहीं चलता है। 


कोरोना वायरस की वैक्सीन : 

आज दुनिया का हर देश इस कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में लगा हुआ है। किंतु कामयाबी नहीं मिल पा रही है। इस वायरस के कारण अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश भी टिक नहीं पा रहा है। वह भी इस वैक्सीन को बनने में कामयाब नहीं हो पाया है। लेकिन कोशिश फिर भी सब कर रहे हैं। 

इसी कोशिश के दौरान भारत में इस वायरस की वैक्सीन बन गई है। आज वह हर व्यक्ति को लगाई जा रही हैं और यह बहुत सफल भी रही हैं। इसलिए हमारे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देशों की सहायता के लिए भी इस वैक्सीन को भेजा है। ताकि सभी देश इस महामारी से साथ में उभर सके।


भारत में कोरोना वायरस की वैक्सीन का प्रयोग : 

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भारत में इस कोरोना वायरस का प्रयोग काफी समझदारी और ध्यानपूर्वक हो रहा है। इस वैक्सीन को भारत में बनने के बाद यह वैक्सीन पहले उन लोगों को लगाई गई। जिन्होंने इस कोरोना काल में अपनी जान पर खेल लोगों को सुरक्षित करने का कार्य किया है। जैसे - डॉक्टर, पुलिस, नर्स आदि। 

उसके बाद यह वैक्सीन उन लोगों को लगाई जा रही है। जो इस वायरस से जो नही लड़ सकते, शरीर रूप से असक्षम है उन्हें यह लगाया जा रहा है क्योंकि  बाल्यावस्था और बृद्धावस्था इस वायरस से नही लड़ सकते हैं। लेकिन किशोरावस्था और प्रौढ़ावस्था इस वायरस से अपनी इम्नियुटी बनाए रख लड़ सकते हैं। इसलिए यह धीरे धीरे पूरे भारत में लगाई जाएगी। 


निष्कर्ष : 

आज के समय में हर देश एक दूसरे से कंधे से कंधा मिलाकर इस कोरोना वायरस का सामना कर रहा है और साथ दे रहा है। इस महामारी के दौर में। जहाँ डॉक्टरों को समझ नहीं आ रहा है कि इस बीमारी की को सी दवा लेनी चाहिए और न ही कोई दवा बनी है। तो ऐसे में लोगों को बताए गए नियमों का पालन करना चाहिए। हालांकि एक वैक्सीन बनी है जो इंडिया ने ही बनाई है और काफी हद तक यह वैक्सीन कारगर साबित हो रही है। 

मैं ज्योति कुमारी, Hindipado.com पर हिंदी ब्लॉग/ लेख लिखती हूँ। मैं दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हूँ और मुझे लिखना बहुत पसंद है।

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(ज्योति कुमारी )

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